ईरान के एक उच्च अधिकारी ने कहा है कि सीरिया में आयोजित होने वाला राष्ट्रपति चुनाव, सीरियाई सरकार और राष्ट्र के दुश्मनों की उम्मीदों पर पानी फेर देगा।
ईरान की इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई के सलाहकार अली अकबर विलायती ने कहा है कि पश्चिमी और कुछ पड़ोसी देशों की ओर से तकफ़ीरी आतंकवादियों के भरपूर समर्थन के बावजूद सीरियाई सरकार और जनता ने शांति की स्थापना में काफ़ी हद तक कामयाब कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि सीरिया में लगभग 70 देशों के तकफ़ीरी आतंकवादी सरकार और जनता के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं।
ग़ौरतलब है कि 3 जून को सीरिया में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होगी, जबकि 28 मई को विदेशों में रहने वाले लाखों सीरियाई नागरिकों ने वोटिंग कर सीरिया के भविष्य के लिये फैसला किया।
डा. विलायती ने बयान किया कि देश में लम्बे समय से जारी संकट से वहां की जनता इस नतीजे पर पहुंची है कि देश के मौजूदा राष्ट्रपति बश्शार असद ने अपने देश की रक्षा और संकट से निपटने में प्रभावी भूमिका निभाई है और अपने देश को बाहरी ताक़तों के हमले से सुरक्षित रखा है।
ईरान के उच्च अधिकारी ने पश्चिमी देशों की ओर से सीरियाई राष्ट्रपति चुनाव के बाईकॉट को ख़ारिज कर दिया औऱ कहा कि देश के भविष्य के निर्धारण का अधिकार केवल सीरियाई जनता को है।
30 मई 2014 - 14:22
समाचार कोड: 612351
ईरान की इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई के सलाहकार अली अकबर विलायती ने कहा है कि पश्चिमी और कुछ पड़ोसी देशों की ओर से तकफ़ीरी आतंकवादियों के भरपूर समर्थन के बावजूद सीरियाई सरकार और जनता ने शांति की स्थापना में काफ़ी हद तक कामयाब कोशिश की है।